
कतरास : बाघमारा पुलिस अनुमंडल अंतर्गत सोनारडीह ओपी क्षेत्र के बहियारडीह में लंबे समय से चल रहे अवैध कोयला खनन के विरोध ने अब उग्र रूप ले लिया है। अवैध खनन बंद कराने की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे ग्रामीणों पर अब पुलिसिया कार्रवाई शुरू हो गई है। पुलिस ने अब तक एक महिला समेत कई युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार बहियारडीह में बीसीसीएल के बंद पड़े मुहानों को खोलकर कोयला तस्करों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किया जा रहा था। लगातार भू-धसान की घटनाओं के बाद आसपास के ग्रामीणों के अंदर भय का माहौल था। ग्रामीणों को आशंका थी कि अवैध खनन के कारण कभी भी उनका घर और गांव भू-धसान की चपेट में आ सकता है।
ग्रामीणों ने कई महीनों तक सड़क से लेकर अधिकारियों के कार्यालय तक आंदोलन किया, लेकिन अवैध कारोबार बंद नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि बहियारडीह पोखरिया से वर्षों से बीसीसीएल द्वारा आसपास के गांवों में पानी सप्लाई किया जाता था, लेकिन अवैध खनन शुरू होने के बाद जलस्रोत प्रभावित हो गया और बहियारडीह तथा जोगीडीह में पानी की समस्या गहरा गई।
स्थानीय लोगों ने कई बार सोनारडीह ओपी प्रभारी और बीसीसीएल एरिया-03 के महाप्रबंधक से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आक्रोशित महिलाओं ने एरिया कार्यालय पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और जीएम के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध बढ़ने के बाद बीसीसीएल अधिकारी, स्थानीय पुलिस और CISF जवान मौके पर पहुंचे, जहां भारी मात्रा में अवैध कोयला जब्त किया गया।
हालांकि कार्रवाई के कुछ घंटों बाद ही दोबारा उसी स्थान पर अवैध खनन शुरू हो गया। इसके बाद ग्रामीण फिर सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि अवैध कारोबार बंद कराया जाएगा, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से खनन शुरू हो गया। सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार अवैध कारोबारी जनप्रतिनिधि के करीबी बताये जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को पानी सप्लाई चालू कराने की मांग को लेकर जब ग्रामीण पोखरिया पहुंचे, तब कथित कोयला तस्करों द्वारा कई राउंड गोलीबारी और बमबाजी की गई। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एकजुट होकर विरोध में उतर पड़े। इसी दौरान दीपक साहू की दुकान और घर पर तोड़फोड़ की घटना हुई।
घटना की सूचना मिलते ही सोनारडीह ओपी और बरोरा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, जहां पुलिस को उग्र भीड़ का सामना करना पड़ा। आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर अवैध कारोबार का संरक्षण देने का आरोप लगाकर पुलिस गश्ती वाहन पर भी हमला कर क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। मामले में पुलिस ने एक महिला समेत कई युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गोली और बम चलाने वाले अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि विरोध करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा- बाघमारा डीएसपी
वहीं बाघमारा एसडीपीओ ने बताया कि बहियारडीह में लंबे समय से अवैध कोयला कारोबार संचालित हो रहा था, जिसकी शिकायत लगातार मिल रही थी। पानी को लेकर विवाद शुरू हुआ। घटना में फायरिंग की बात सामने आई है। 2 खोखा भी बरामद हुआ है। उन्होंने कहा कि उग्र भीड़ द्वारा पुलिस वाहन पर हमला किया गया है जिसको लेकर एक महिला समेत कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है बाकी मामले की जांच की जा रही है। एसडीपीओ ने कहा कि निर्दोष लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, जबकि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अब इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं —
क्या गोली और बम चलाने वाले असली आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं?
क्या कोयलांचल में अवैध खनन का विरोध करना ही ग्रामीणों के लिए अपराध बनता जा रहा है?
और आखिर कब तक विरोध करने वाले ग्रामीण ही कार्रवाई का शिकार होते रहेंगे?
