
कार्यस्थल से गायब रहते हैं जिम्मेदार अधिकारी, सहायक व कनीय अभियंता की कार्यशैली पर गंभीर सवाल
कतरास: धनबाद नगर निगम अंतर्गत वार्ड संख्या एक में इन दिनों नाली निर्माण में जबरदस्त भ्रष्टाचार और घोटाला देखने को मिल रहा है। कतरास तोपचांची रोड में(मिश्रा टोला) बाबा क्लिनिक से ऊपर मोड़ तक बन रहे नाली निर्माण में सरकारी राशि की खुलेआम बंदरबांट होने की बात सामने आ रही है। आरटीआई कार्यकर्ता अरबिन्द सिन्हा के द्वारा लगाए गए एक आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों ने ठेकेदार और नगर निगम के अधिकारियों की पोल पट्टी खोलकर रख दी है। जिस योजना को कागजों पर आदर्श और उच्च गुणवत्तापूर्ण दिखाकर निर्माण के लिए 93 लाख रुपैया की स्वीकृति ली है हकीकत में वहां नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है।
93 लाख की नाली नहीं भ्रष्टाचार का गन्दा नाला बना रहे हैं ठिकेदार मिश्रा जी
आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस नाली निर्माण कार्य का ठेका विकास कुमार मिश्रा को मिला है। आरटीआई से मिले अधिकारिक एस्टीमेट के मुताबिक इस नाली निर्माण कार्य में 35 किलोमीटर दूर से बराकर नदी का बालू और उच्च श्रेणी के टाटा स्टील का 10एमएम 12एमएम एवं 16 एमएम छड़ का उपयोग करना है। बकायदा इसके लिए परिवहन और उच्च गुणवत्ता वाले सामाग्री की रेट भी जोड़ी गई है। लेकिन स्थानीय लोगों ने जब मौके पर जाकर सामग्री की जांच पड़ताल की तो ठेकेदार मिश्रा जी का काला कारनामा उजागर हो गया। ठिकेदार द्वारा मिट्टी युक्त बेहद घटिया स्तर का बालू और अत्यंत निम्न दर्जे का छड़ एवं अन्य निर्माण सामाग्री का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। निर्माण से संबंधित कहीं भी शिलापट्ट भी नहीं लगाया गया है। मामले को लेकर इंटक धनबाद जिला उपाध्यक्ष संजीत नोनिया ने ट्वीट कर टंडा बस्ती में बन रहे नाली निर्माण कार्य की शिकायत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, धनबाद उपायुक्त एवं अन्य अधिकारियों से की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह नाली पहली बरसात भी झेलने का स्थिति में नहीं है।
कभी साइट पर भी आया कीजिये साहेब……..
भ्रष्टाचार के इस काले खेल में सबसे गंभीर बात धनबाद नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका है। निर्माण कार्य की देखरेख करने की जिम्मेदारी जिस कनीय अभियंता और सहायक अभियंता को मिली है वह अब तक कार्यस्थल से पूरी तरह गायब बताए जा रहे है। अधिकारियों का साइट पर नहीं आना और ठेकेदार की मनमानी पर धृतराष्ट्र बन जाना इस बात का स्पष्ट इशारा करता है कि नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदार विकास कुमार मिश्रा के बीच भ्रष्टाचार का बहुत मजबूत पुल बना हुआ है। शायद इसी कारण ठेकेदार बिना किसी डर भय के जनता की गाढ़ी कमाई अपनी जेब में भरे जा रहा है।
निर्माण कार्य के लिए ठीकेदार स्वयं जिम्मेदार है- डॉ मधुमाला (पार्षद)
वार्ड पार्षद डॉ मधुमाला ने कहा कि नाली का शिलान्यास कब हुआ या हुआ भी है या नहीं इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। ठिकेदार अपनी मनमर्जी से काम कर रहा है। गुणवत्तापूर्ण या घटिया निर्माण कार्य के लिए वह स्वयं (ठिकेदार) जिम्मेदार है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ठिकेदार लोकप्रिय जनप्रतिनिधि के करीबी बताया जा रहा है। वहीं निर्माण कार्य को लेकर ठिकेदार विकास कुमार मिश्रा का सार्वजनिक तौर पर अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आया है।
दोषी ठेकेदार एवं अधिकारियों पर हो सख्त कानूनी कार्रवाई – ग्रामीण
आरटीआई से हुए खुलासे के बाद अब स्थानीय लोगों ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से इस पूरे नाली निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है की जांच होने तक काम को तत्काल रोका जाए, मानक के अनुसार नए सिरे से निर्माण कराया जाए और दोषी ठेकेदार एवं अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई किया जाए। अब देखना है कि क्या नगर निगम स्थानीय लोगों के हित में गुणवत्तापूर्ण नाली निर्माण के लिए पहल करते हुए मामले में कोई जांच पड़ताल और कानूनी कार्रवाई करती है या फिर ठेकेदार के साथ मिलकर अपनी जेब गर्म करते रहेंगे।
