
कतरास : बीसीसीएल एरिया 4 अंतर्गत रामकनाली ओपी क्षेत्र के बूटू बाबू बंगला समीप के कांटापहाड़ी हादसे को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) अब बेहद सख्त हो गया है। हादसे में एक मृतक की पहचान न होने और बार-बार पूछे जाने के बावजूद धनबाद पुलिस द्वारा कोई ठोस जानकारी न दिए जाने के कारण, आयोग ने धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को दिल्ली तलब किया है।
मामला क्या है?
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सीडब्ल्यूसी के निवर्तमान चेयरमैन एवं पत्रकार उत्तम मुखर्जी की शिकायत पर इस मामले को संज्ञान में लिया था। आयोग ने इसे केस नंबर 1089/34/4/2025 के तहत दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू की है। हादसे में कई लोगों की जान गई थी, लेकिन पीड़ितों को न्याय और प्रशासनिक जवाबदेही के मामले में पुलिस का रवैया उदासीन रहा है।
आयोग ने क्यों उठाया सख्त कदम?
आयोग ने मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 13 के तहत धनबाद एसएसपी को ‘नॉन-कंडीशनल समन’ जारी किया है। इसके पहले जिला प्रशासन, पुलिस, बीसीसीएल और डीजीएमएस ने घटना को लेकर कई प्रतिवेदन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया है।
लगातार नोटिस के बाद भी चुप्पी पड़ी भारी; 17 अगस्त को आयोग के समक्ष होना होगा हाजिर
रिपोर्ट के अनुसार: आयोग ने 21 अक्टूबर 2025, 9 दिसंबर 2025, 18 फरवरी 2026 और 22 अप्रैल 2026 को लगातार नोटिस भेजे थे। रामकनाली ओपी में पुलिस केस नंबर 317/2025 दर्ज होने की बात तो कही गई, लेकिन जांच की प्रगति या निष्कर्ष को लेकर पुलिस ने कोई भी सार्थक प्रतिवेदन आयोग को नहीं सौंपा। अब एसएसपी को 17 अगस्त 2026 को पूर्वाह्न 11:30 बजे नई दिल्ली स्थित मानवाधिकार भवन में उपस्थित होकर ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ के साथ जवाब देना होगा। अब देखना यह है कि दिल्ली तलब होने के बाद प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या जवाब पेश करता है।
