
कतरास : कतरास स्थित ‘लिलोरी स्थान मुक्तिधाम’ कतरास एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण शमशान घाट है। लेकिन शमशान घाट परिसर में स्थित सरकारी प्रतिक्षालय को स्थानीय अतिक्रमणकारियों के द्वारा अवैध रूप से घेराबंदी कर कब्जा करने का मामला सामने आया है। पूर्व महापौर चंद्रशेखर अग्रवाल के कार्यकाल में करोड़ों रुपये की लागत से बने इस मुक्तिधाम परिसर में नगर निगम की अनुमति के बिना पक्की दीवारें खड़ी की जा रही हैं। मामला सामने आने के बाद कतरास के लोगों और समाजसेवियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
सरकारी फंड से बने प्रतीक्षालयों की हुई घेराबंदी, कब्जाधारियों को कानून का भय नहीं
रविवार को स्थानीय लोगों के जांच पड़ताल में चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। सरकारी फंड से आम लोगों के बैठने के लिए बने प्रतीक्षालय को ईंट और सीमेंट की पक्की दीवार से घेरा जा रहा था। इतना ही नहीं, जानकारी के अनुसार पूर्व सांसद रवींद्र पांडेय के सांसद निधि से निर्मित एक अन्य प्रतीक्षालय को अतिक्रमणकारियों द्वारा पहले ही कब्जा किया जा चुका है। मौके पर मौजूद श्मशान घाट संचालक आकाश डोम ने बिना किसी हिचकिचाहट के स्वीकार किया कि इस निर्माण के लिए नगर निगम से कोई आदेश या अनुमति नहीं ली गई है।

नगर आयुक्त से शिकायत कर कार्रवाई की मांग करूंगी- पार्षद डॉ मधुमाला
मामले की जानकारी मिलते ही वार्ड संख्या 1 की पार्षद डॉ. मधुमाला ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। जल्द ही नगर आयुक्त से शिकायत कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग करूंगी और अवैध निर्माण रुकवाएंगी। वहीं, स्थानीय समाजसेवियों ने इस मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। धनबाद उपायुक्त (DC) और नगर आयुक्त को पत्र भेजकर मुक्तिधाम को यथास्थिति में रखने और अतिक्रमण हटाने की मांग की जा रही है।
अतिक्रमणकारियों पर होगा एफआईआर या बंद हो जाएगी शिकायतों की फाइल
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना नगर निगम की इजाजत के मुक्तिधाम परिसर में बाउंड्री वॉल और घेराबंदी का काम किसके इशारे पर हो रहा है? करोड़ों के सरकारी फंड से बनी जनता की संपत्ति पर निजी तौर पर ताला ठोकने वालों पर FIR कब होगी? क्या नगर निगम और जिला प्रशासन कार्रवाई करते हुए तुरंत इस अवैध निर्माण को ध्वस्त कराएगा या फिर अवैध निर्माण पूरा होगा और शिकायतों की फाइल बंद हो जाएगी।
