
कतरास: अवैध लिंग जांच और असुरक्षित गर्भपात मामले में कतरास पुलिस ने बड़ी और त्वरित कार्रवाई करते हुए मेडिकल स्टाफ और डायग्नोस्टिक संचालक सहित कुल 5 लोगों को जेल भेज दिया है। इस संबंध में एक प्रेस वार्ता जारी कर बताया गया कि दिनांक 29 अक्टूबर 2026 की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि चलकारी बस्ती (पटरवार, बोकारो) निवासी सोनू केवट की लगभग 24 वर्षीय पत्नी किरण कुमारी का शव श्यामीडीह स्थित संजीवनी अस्पताल में रखा हुआ है। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि मृतिका किरण कुमारी गर्भवती थीं और उनके पति तथा परिजनों द्वारा गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जांच के लिए दबाव बनाया गया था। इसके बाद सोनू केवट ने धनबाद के न्यू रिलीफ डायग्नोस्टिक में लिंग जांच कराई, जहां पता चला कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़की है. लड़की होने की बात सामने आने पर आरोपियों ने कतरास थाना अंतर्गत श्यामीडीह स्थित सेंट्रल डायग्नोस्टिक में SNMMCH धनबाद के लैब टेक्नीशियन नितेश दान और नर्स सुलोचना देवी को बुलवाकर किरण कुमारी का असुरक्षित गर्भपात कराया. गर्भपात के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे आनन-फानन में संजीवनी अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
इस मामले में मृतिका के पिता राजेंद्र कुमार केवट के लिखित आवेदन पर मृतिका के पति सोनू केवट, ससुर नेवालाल केवट, सास विलो देवी, बड़ा जेठ सूजन केवट, बड़ा गोतनी भाग्य देवी, मंझला जेठ राजेश केवट, मंझला गोतिनी सुमित्रा देवी, ननद बबीता देवी, सेंट्रल डायग्नोस्टिक के संचालक सचिन केवट, शिवम पांडेय , श्रीनाथ, रिलीफ डायग्नोस्टिक के स्टाफ विजय गोस्वामी, डॉक्टर राजीव नयन, SNMMCH अस्पताल के टेक्नीशियन नितेश कुमार दास एवं नर्स सुलोचना कुमारी के विरुद्ध BNS, PCPNDT Act 1994 एवं MTP Act की सुसंगत धाराओं के तहत कतरास थाना कांड संख्या 274/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित अनुसंधान करते हुए मृतिका के पति सोनू केवट, सेंट्रल डायग्नोस्टिक के संचालक सचिन केवट, रिलीफ डायग्नोस्टिक के अल्ट्रासाउंड स्टाफ विजय गोस्वामी और SNMMCH की नर्स सुलोचना देवी को गिरफ्तार कर मंडल कारा धनबाद भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। वहीं न्यू रिलीफ डायग्नोस्टिक धनबाद अल्ट्रासाउंड को सील कर दिया गया है।
