
कतरास: धनबाद जिले के बाघमारा पुलिस अनुमंडल अंतर्गत बीसीसीएल एरिया 3 के सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टंडाबारी में मंगलवार शाम 5 बजे के लगभग अचानक से भू धंसान की घटना घटी। इस भू धंसान में 3 घर जमीनदोज होने की जानकारी सामने आई है। वहीं भू धंसान से 3 लोग दबकर मर गए। जिसे देर रात्रि लगभग 2 बजकर 30 मिनट में मृत अवस्था में निकाला गया। शव निकलते ही पूरा माहौल चीत्कार से गूंज उठा। वहीं स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा था। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बुधवार को देर शाम भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पोस्टमार्टम कर शव को मृतक के आवास टंडा बारी में लाया गया। जहां से मृतक के परिजनों ने शव को गांव ले गया। इससे पहले मंगलवार को भू धंसान की घटना से क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया। बताया जाता है कि घटना से तीन घर जमीनदोज हों गया था जबकि कई घरों में दरार पड़ गए। वहीं 3 लोग जमीन में समा गए थे। गुस्साए लोगों ने घटना का कारण अवैध खनन बताते हुए सोनारडीह ओपी का घेराव कर दिया था और एनएच 32 कतरास महुदा मुख्य मार्ग को घंटों जाम कर दिया था।
5 घंटे बाद शुरू हुआ बचाव कार्य, 9 घंटे बाद निकला शव
जमीन में दबे लोगों को निकालने के लिए लगभग 10:00 बजे रात्रि बचाव कार्य शुरू हुआ। मौके पर धनबाद एसडीएम लोकेश बारंगे, बाघमारा अंचल अधिकारी गिरजानंद किसको, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बाघमारा पुरुषोत्तम कुमार सिंह, कतरास थानेदार प्रवीण कुमार, बैंक मोड़ थानेदार असित कुमार सिंह, सोनारडीह ओपी प्रभारी दिलीप पाल, धर्माबांध ओपी प्रभारी मनोज पांडेय, बीसीसीएल एरिया 3 के सेफ्टी जीएम संजय कुमार सिंह, सहित भारी संख्या में कई थानों की पुलिस एवं सैकड़ो ग्रामीण मौजूद थे। काफी मशक्कत के बाद रात्रि लगभग 2:30 बजे मृत अवस्था में तीन लोगों का शव निकाला गया। बचाव कार्य देर से शुरू होने को लेकर विधायक शत्रुघ्न महतो एवं स्थानीय लोगों में भारी उबाल था।

पीड़ित के परिजनों ने जैसे तैसे रात बिताई, सुबह पलायन करते दिखे
घटना के बाद दर्जनों की संख्या में लोग अपनी जान बचाने के लिए भागे। छोटे-छोटे बच्चों एवं जानवरों को लेकर कई लोगों ने खुले आसमान के नीचे रात बिताई तो कई लोगों ने मंदिरों एवं आसपास के दुकानों के बरामदे में शरण लिया। सुबह होते ही जान जोखिम में डालकर लोगों ने क्षतिग्रस्त घर से पलंग, ट्रंक, अलमारी, फ्रीज, कुलर, सोफा, अलदानी, स्टैंड फैन, गद्दा, बिछौना, बर्तन आदि बाहर निकाला। वही कुछ अन्य जरूरी सामान नहीं निकाल सके। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन हम लोगों को उचित व्यवस्था देकर कहां विस्थापित करेगी उसी का इंतजार करेगी। यहां हर पल मौत है। सही जगह देखकर सुविधा देकर हम सब लोगों को एक साथ पुनर्वासित करें यही मांग प्रशासन और प्रबंधन से करते हैं।
बाघमारा बीडीओ ने कहा पीड़ितों के लिए राहत कार्य व नाश्ता पानी का इंतजाम किया गया है, ग्रामीणों ने किया इनकार
प्रखंड विकास पदाधिकारी बाघमारा लक्ष्मण यादव ने बताया कि प्रशासन की ओर से लगातार राहत कार्य किया जा रहा है। पीड़ितों के लिए भोजन पानी का भी इंतजाम किया गया है। वही ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा ना तो कोई राहत कार्य किया गया है और न ही हम लोगों को भोजन पानी मिला है। जिला प्रशासन संवेदनशील है। अधिक से अधिक राहत पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

कोयला चोरों पर 302 के तहत प्राथमिकी होना चाहिए – लक्ष्मण महतो (अध्यक्ष एटक)
घटना को लेकर मुखर रूप से अपनी बात रखते हुए गोविंदपुर एरिया के एटक अध्यक्ष लक्ष्मण महतो ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि कोयला चोरी कौन कर रहा है, कौन करवा रहा है, उसको चिह्नित करेंगे, जांच की मांग करेंगे। जरूरत पड़ा तो हाई कोर्ट जाएंगे, पीड़ित को न्याय दिलाएंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अवैध खनन का जिम्मेदार मुख्य रूप से बीसीसीएल प्रबंधन, प्रशासन और सरकार को मानते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक आम जनता और बीसीसीएल मजदूर नहीं जागेगा तब तक मौत का यह सिलसिला चलता ही रहेगा। उन्होंने कहा कि कोयला चोरों पर 302 के तहत प्राथमिकी होनी चाहिए।
गैस रिसाव से दहशत में लोग, छोटे छोटे बच्चों के सेहत पर भी पड़ रहा असर
घटनास्थल के समीप कई जगह से भारी मात्रा में गैस रिसाव ही शुरू हो गया है। जिससे इलाके में दुर्गंध फैल रहा है। इससे न केवल भू धंसान का खतरा और भी बढ़ गया है बल्कि इस गैस रिसाव से छोटे-छोटे नवजात शिशुओं के सेहत पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और प्रबंधन की मानवता मर चुकी है। सब कुछ जानने के बावजूद भी रोकथाम के लिए उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। प्रशासन और प्रबंधन केवल लीपापोती में लगी है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने बीसीसीएल अधिकारियों को खदेड़ा, मुर्दाबाद के नारे लगाए
घटना के एक दिन बाद मौके पर पहुंचे बीसीसीएल के अधिकारियों को ग्रामीणों के आक्रोश का शिकार होना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों ने बीसीसीएल अधिकारियों के मुर्दाबाद के नारे लगाए और उन्हें मौके से खदेड़ दिया। अधिकारी हालात का जायजा लेने और ग्रामीणों को समझाने के लिए आए थे लेकिन मौके की नजाकत को देखते हुए भागने में ही अपनी भलाई समझे।
जीएम हेड क्वार्टर ने अवैध माइनिंग को स्वीकारा, कहा कि कई बार यहां से अवैध कोयला जब्त हुआ है
घटनास्थल का निरीक्षण करने आए जीएम हेड क्वार्टर संजय सिंह ने अवैध माइनिंग की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि ग्रामीणों का आरोप सही है। अवैध माइनिंग की रोकथाम के लिए बीसीसीएल की ओर से पूरा प्रयास किया जा रहा है। कई बार यहां पर छापेमारी हुई है, मुहाने बंद कराए गए हैं। यहां से कोयला रिकवर भी हुआ है। उसके बावजूद भी बार-बार मुहाने फिर से खोल लेते हैं। अवैध माइनिंग को लेकर कई प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि झरिया मास्टर प्लान के तहत प्रभावित लोगों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था को लेकर तैयारी की जा रही है। इस मामले में उपायुक्त धनबाद से भी बात हुई है। जो गैस निकल रहा है उसको भरा जाएगा।


देर शाम एक बार फिर हुआ सड़क जाम, शव आते ही जाम हटा, मुआवजे व नियोजन की कोई अधिकारिक घोषणा नहीं, परिजन शव लेकर गए गांव
बुधवार की देर शाम एक बार फिर गुस्साए ग्रामीणों ने लगभग एक घंटा तक सड़क जाम कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव आने पर जाम हटा। शव भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीधे मृतक के आवास के समीप ले जाया गया। जहां से मृतक के परिजन शव को लेकर अपने गांव चले गए। वहीं मुआवजा व नियोजन को लेकर किसी प्रकार की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई, जिसको लेकर स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।

