
कतरास: कतरास के हीरक रोड स्थित कीमती जमीन को लेकर छिड़ा विवाद धीरे धीरे गहराता जा रहा है। प्रथम पक्ष द्वारा दो दिन पूर्व लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद, अब द्वितीय पक्ष (विक्रेता पक्ष) ने भी मोर्चा खोल दिया है। विक्रेता पक्ष की मधुमालती देव्या, अनीता देवी, रूही पटवा, जूही पटवा एवं अन्य ने सोमवार को दुर्गा टॉकीज के समीप हीरक रोड पर ठीक उसी स्थान पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया, जहाँ दो दिन पहले प्रथम पक्ष के रितिक पटवा, सत्यनारायण पटवा, सदानंद पटवा और देबू पटवा एवं अन्य लोगों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।
बंटवारा नहीं हुआ लेकिन बेच दी अपने हिस्से की 15.5 डिसमिल जमीन, गहराया विवाद
प्रेस वार्ता के दौरान मधुमालती देव्या की पुत्रवधू अनीता देवी ने जमीन का पूरा ब्योरा रखते हुए बताया कि खाता संख्या 30, प्लॉट संख्या 330 में कुल 167 डिसमिल जमीन दर्ज है। जिसमें स्व. जगत तारण पटवा,सत्यनारायण पटवा एवं स्व. सनातन पटवा तीनों के वंशजो का अधिकार है। अनीता देवी के अनुसार वर्तमान में इस जमीन के कुछ हिस्से पर कब्जा है, जबकि कुछ हिस्सा परती (खाली) पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने हिस्से की 55 डिसमिल जमीन में से 15.5 डिसमिल जमीन कुमार विनय, हिमांशु सिन्हा एवं मोहम्मद नबी हुसैन को नियमानुसार बेची है।
वंशावली में लसगे भाइयों को ‘पिता-पुत्र’ दर्शाने का विवाद
प्रेस वार्ता में पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में विक्रेता पक्ष ने स्वीकार किया कि स्व. जगत तारण पटवा, सत्यनारायण पटवा और स्व. सनातन पटवा तीनों आपस में सगे भाई हैं। हालाँकि, प्रथम पक्ष (रितिक पटवा एवं अन्य) का आरोप है कि इस जमीन की अवैध खरीद-बिक्री के लिए जो डीड (Deed) तैयार की गई है, उसमें इस्तेमाल की गई वंशावली में फर्जीवाड़ा किया गया है। प्रथम पक्ष का दावा है कि वंशावली में तीनों सगे भाइयों को एक-दूसरे का ‘पिता-पुत्र’ दर्शाकर अवैध तरीके से निबंधन (Registry) कराया गया है। जमीन के नक्शे को लेकर भी दोनों पक्षों में तीखी बहस जारी है। विक्रेता पक्ष के अनीता देवी का दावा है कि नक्शा पूरी तरह से वैध है और इसे हीरालाल नामक अमीन ने आधिकारिक तौर पर नाप-जोख कर बनाया है। वहीं प्रथम पक्ष का साफ तौर पर कहना है कि यह नक्शा पूरी तरह से फर्जी है, इसे घर बैठकर तैयार किया गया है और इस पर किसी भी अधिकृत अमीन का नाम अंकित नहीं है।
निबंधन के बाद रद्द हुआ म्यूटेशन, क्षेत्र में चर्चा का विषय बना जमीन विवाद
प्रेस वार्ता के दौरान विक्रेता पक्ष ने एक बड़ी बात स्वीकार की। उन्होंने माना कि जमीन की रजिस्ट्री (निबंधन) हो जाने के बाद, प्रथम पक्ष के लोगों द्वारा आपत्ति दर्ज कराए जाने के कारण उक्त जमीन का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) रद्द करवा दिया गया है। हीरक रोड पर आमने-सामने आए दोनों पक्षों के बयानों और म्यूटेशन रद्द होने के बाद से क्षेत्र में प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी दांव-पेच को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है।

बता दे कि दो दिन पहले शनिवार को प्रथम पक्ष के द्वारा इसी स्थान में प्रेस वार्ता किया गया था जिसमें विक्रेता पक्ष के मधुमालती देव्या एवं अन्य लोगों ने मौके पर आकर काफी हंगामा खड़ा किया था। कथित तौर पर विक्रेता पक्ष ने पत्रकारों से भी बदसलूकी की गई थी। मोबाइल एवं माइक फेंक दिया गया था। बाद में कतरास पुलिस के द्वारा विक्रेता पक्ष के सभी लोगों को हिरासत में ले लिया गया था।
