
अवैध खनन, परिवहन और संपत्ति अर्जित करने के मामले में की जा रही है कार्रवाई
कतरास : अवैध कोयला खनन और उससे जुड़े काले कारोबार पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने धनबाद में बड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह ईडी की 25 टीमों ने कोयलांचल के 25 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई कई कथित कोयला कारोबारियों और उनके सहयोगियों के परिसरों पर की जा रही है। ईडी की टीम दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और अवैध संपत्ति से जुड़े साक्ष्यों की जांच में जुटी है।
जानकारी के अनुसार ईडी की कार्रवाई कथित कोयला कारोबारी रंजीत सिंह, अनिल गोयल, गणेश यादव, पप्पू मंडल, अनूप चौहान, गणेश यादव, हरेंद्र चौहान, बाघमारा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रोहित यादव, कैलाश रजक और उनके सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर चल रही है। सभी स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में तलाशी अभियान जारी है।
बताया जा रहा है कि मामला अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़ा है। ईडी ने इस पूरे मामले में चार अलग-अलग ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। एजेंसी को संदेह है कि अवैध कोयला कारोबार के जरिए बड़े पैमाने पर संपत्ति अर्जित की गई है। इसी को लेकर बैंक लेनदेन, जमीन के दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
चर्चित अधिवक्ता सोमनाथ चटर्जी ने ईडी से की है कोयला चोरी की शिकायत
चर्चित अधिवक्ता सोमनाथ चटर्जी ने 23 अप्रैल 2026 को लोयाबाद के कोयला कारोबारी झामुमो नेता सह डिप्टी मेयर अरुण चौहान के बड़े भाई हरेंद्र चौहान के विरुद्ध ईडी से शिकायत कर कालाधान की जांच करने की मांग की थी। उन्होंने कारोबारी पर कोयले की अवैध कमाई से लगभग 1200 करोड़ की अकूत संपत्ति अर्जित करने एवं नगर निकाय चुनाव में इसका दुरूपयोग करने का आरोप लगाया था। शिकायत के अनुसार हरेंद्र चौहान पर अपने भाई अरुण चौहान को डिप्टी मेयर बनाने के लिए 55 में से 50 पार्षदों को 25-25 लाख रुपए खर्च करने का आरोप लगाया गया।
फिलहाल ईडी की तलाशी कार्रवाई जारी है। समाचार लिखे जाने तक एजेंसी की ओर से बरामदगी या आगे की कार्रवाई को लेकर कोई अधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अब सभी की नजर ईडी की जांच और इस कार्रवाई से सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हुई है।
