
कतरास: जोगता में एक बार फिर घनी आबादी खतरे में पड़ता दिख रहा है। कोयला माफिया, सीआईएसएफ, बीसीसीएल और भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के मिलीभगत से हजारों की आबादी आज खतरे में है। कई बार भू धंसान होने, गोफ बनने और ग्रामीणों के घरों में दरारें पड़ने की घटना सामने आ चुकी हैं। उसके बावजूद भी अवैध खनन पर विराम नहीं लगा पाना स्थानीय पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
सिजुआ 10 नंबर मोड़ काली मंदिर के सामने एवं सिजुआ स्टेडियम के सामने बड़े पैमाने पर होता है अवैध खनन
जोगता थाना क्षेत्र अंतर्गत सिजुआ 10 नंबर मोड़ काली मंदिर के समीप बड़े पैमाने पर धड़ल्ले से दिन दहाड़े अवैध खनन किया जाता है। चंद कदम दूर सिजुआ स्टेडियम के सामने कतरास क्लब के पीछे 22/12 बस्ती जाने वाले मार्ग के किनारे नए खदान से हर रोज भारी मात्रा में कोयला तस्करी की जाती है। इसके लिए बाहरी एवं कुछ स्थानीय गरीब मजदूरों से कोयला कटाई एवं कोयला ढुलाई का काम कराया जाता है। पहले कोयले को बोरा में भर भर कर जमा किया जाता है फिर ठेला/वैन में लोड कर 22/12 जाने वाली सड़क के दूसरी ओर हरे तिरपाल से घेरकर बनाए गए अवैध डिपो में कोयला का अवैध रूप से भंडारण किया जाता है। बाद में ट्रकों के माध्यम से इसे बाहर भेजा जाता है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार हर रोज करीब 10 से 15 ट्रक अवैध कोयला यहां से निकाला जाता है।

तकरीबन 500 मीटर के दायरे में एक तरफ है डीएसपी कार्यालय तो दूसरी तरफ सीआईएसफ कैंप
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस स्थान से हर रोज 10 से 15 ट्रक अवैध कोयला की तस्करी होती है वहीं वहां से लगभग 500 मीटर के दायरे में एक ओर सीआईएसएफ कैंप है तो दूसरी ओर बाघमारा डीएसपी का कार्यालय। कोयला लोड गाड़ियां भी इसी रास्ते से होकर ही गुजरती है। उसके बावजूद भी अवैध कारोबार पर लगाम नहीं लगा पाना कई सवालों को जन्म दे रहा है।

खतरे में हजारों की घनी आबादी, प्रसिद्ध सिजुआ स्टेडियम एवं स्कूल पर भी पड़ रहा है प्रभाव
यहां चल रहे अवैध खनन से न केवल हजारों की घनी आबादी ही खतरे में है बल्कि कई दशक पुराना प्रसिद्ध शिजुका स्टेडियम भी खतरे में है वहीं इसके ठीक बगल में बीसीसीएल द्वारा संचालित बालिका उच्च विद्यालय मुदीडीह स्कूल भी है, जहां हजारों छात्राएं अध्यनरत हैं। धनबाद उपायुक्त व जिला प्रशासन के द्वारा विशेष तौर पर स्कूलों को सुरक्षित वातावरण देने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा सिजुआ स्टेडियम एवं उक्त स्कूल की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे स्टेडियम, स्कूल और हजारों की घनी आबादी खतरे में पड़ता दिख रहा है।
नमक फैक्ट्री की आड़ में चल रहा है काले हीरे का काला कारोबार
जोगता थाना अंतर्गत 22/12 नमक फैक्ट्री में नमक फैक्ट्री की आड़ में काले कोयले का काला कारोबार बिना किसी डर भय के बेखौफ चल रहा है। आधा दर्जन से अधिक अवैध मुहाने बनाकर बाहरी मजदूरों से हर रोज हजारों बोरी कोयला कटवाया जाता है। हर वक्त मजदूरों के जान जाने का खतरा बना रहा था। नमक फैक्ट्री जाने पर स्पष्ट रूप से सैकड़ों बोरी कोयला भिन्न-भिन्न स्थानों में अवैध रूप से भंडारण किया हुआ देखा जा सकता है।


अवैध खनन से कई बार हुआ है भू धंसान, ग्रामीणों ने किया है विरोध
कोयला माफियाओं के द्वारा अवैध खनन करने के कारण कई बार जोगता थाना क्षेत्र के 22/12 बस्ती व श्याम बाजार जैसी घनी आबादी के बीच भू धंसान वो चाल धंसने जैसी कई घटनाएं घटित हुई हैं। इन घटनाओं में कई घर ज़मींदोज़ हो चुके हैं तो कई घरों में दरारें भी पड़ चुकी है। इतना ही नहीं इस प्रकार की घटनाओं में कई बार मजदूरो की दबकर मौत भी हो जाती है। जिसे बाद में कोयला तस्करों के द्वारा आनन फानन में मृतक मजदूरों के शवों को हटा लिया जाता है। मृतक के परिजनों को कोयला माफियाओं के द्वारा डरा धमका कर, झूठे केस मुकदमे में फसाने की धमकी देकर बहुत ही कम राशि देकर उसका मुंह बंद कर दिया जाता है। कई बार मामले को लेकर ग्रामीणों ने श्याम बाजार व सिजुआ मोड़ के समीप सड़क जामकर विरोध प्रदर्शन भी किया है। बाद में स्थानीय पुलिस के द्वारा अवैध कोयला खनन पर कार्रवाई करने का आश्वासन देखकर विरोध प्रदर्शन को शांत करा दिया गया।

पुलिस प्रशासन व सीआईएसएफ पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल, क्या कोयला माफियाओं से है इनकी साठ गांठ?
जिस प्रकार से जोगता थाना क्षेत्र में अवैध कोयला खनन व भंडारण का कार्य खुलेआम चल रहा है उससे जोगता पुलिस एवं सीआईएसएफ की कार्यशाली पर गंभीर सवाल खड़ा हो रहा है। अवैध कोयला खनन पर रोक नहीं लगा पाना जोगता पुलिस की नाकामी है या फिर अवैध कोयला कारोबारी के साथ भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों का गठजोड़ ये तो पुलिस ही बताएगी? वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन सीआईएसएफ एवं बीसीसीएल के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के संलिप्तता से ही जोगता थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला कारोबार खुलेआम चल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने जोगता पुलिस एवं जिला प्रशासन से जोगता में चल रहे अवैध कोयला कारोबार पर रोक लगाने की मांग की है।
