
कतरास: बाघमारा अंचल अंतर्गत भटमुरना मौजा में आकाशकिनारी टाटा मोटर्स शोरूम के समीप एक जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद बढ़ता जा रहा है। बुधवार को एक पक्ष के शंकर हजारी, राकेश हजारी, सत्यनारायण हजारी, नंदकिशोर हजारी, शिबू हजारी, गणेश हजारी, पंकज हजारी, हारु हजारी, संतोष हजारी, केदार हजारी, बास्कीनाथ हजारी, अमर हजारी, अरविंद हजारी, सोनू हजारी, शुभम हजारी, विवेक हजारी आदि ने प्रेस वार्ता कर बताया कि जिस जमीन पर वे लोग जेसीबी मशीन चला रहे थे वो जमीन उनकी है। बताया कि पुराना खाता संख्या 12 नया 23 के प्लॉट संख्या 11 एवं 12 में कुल 24 डिसमिल जमीन है। जिसमें से 12 डिसमिल जमीन अर्थात आधा जमीन में हमलोगों का अधिकार है और वे अपने अंश के जमीन में काम कर रहे थे जिस पर दूसरे पक्ष के हीरालाल हजारी एवं अन्य लोग जबरन अपना दावा कर रहे हैं। जमीन से संबंधित सारे दस्तावेज उनके पास हैं। कतरास पुलिस द्वारा कागजात और 2 दिन का समय मांगा गया था। हमलोगों ने पुलिस को सभी वैध दस्तावेज दे दिया है।

राकेश हजारी एवं शंकर हजारी ने एक अन्य मामले को लेकर बताया कि उनकी जमीन का कुछ अंश सड़क चौड़ीकरण के दौरान एनएचएआई के द्वारा अधिग्रहण कर लिया गया है जिसकी मुआवजा राशि हीरालाल हजारी एवं अन्य लोगों ने गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर हड़प ली है। शिकायत करने पर भू अर्जन कार्यालय ने उनलोगों को राशि लौटाने का आदेश दिया है। इसके बाद उनलोगों द्वारा आधी राशि लौटा दी गई है। जानकारी देते हुए बताया कि शेष राशि नहीं लौटाने पर विभाग द्वारा सर्टिफिकेट केस किया जाएगा।

एक छंटाक जमीन उनलोगों की नहीं है, पूरी जमीन हमलोगों की है – हीरालाल हजारी
वहीं द्वितीय पक्ष के हीरालाल हजारी ने बताया कि विवादित जमीन जिसमें जेसीबी चलाया जा रहा उसमें एक छंटाक जमीन उनलोगों की नहीं है, पूरी जमीन हमलोगों की है, जमीन के सारे वैध दस्तावेज हमलोगों के पास है। आगे बताया कि जमीन अधिग्रहण के बदले भू अर्जन ने जो मुआवजा भुगतान करना हमलोगों को किया था उसमें कुछ भुगतान गलत हो गया था जिसकी राशि विभाग को लौटा दी गई है। शेष राशि हमारे हक अधिकार की है जिसे लौटाया नहीं जायेगा। इस संबंध में भू अर्जन कार्यालय को नोटिस देकर सूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य जमीन का मुआवजा भुगतान हमलोगों को किया गया ये विभाग की गलती थी हमारी नहीं। हमारे संज्ञान में आने पर अतिरिक्त राशि तुरंत विभाग को लौटा दी गई।
जमीन का मालिकाना हक के लिए ना कोर्ट जाएंगे ना ही अंचल कार्यालय, फैसला पुलिस करेगी- राकेश हजारी
एक सवाल के जवाब में प्रेस वार्ता कर रहे राकेश हजारी ने बताया कि विवाद की जानकारी अंचल कार्यालय बाघमारा को नहीं दी गई है। पूछने पर उन्होंने कहा कि सीओ जमीन का मामला में कुछ नहीं कर सकता है, इसके लिए सीधा कोर्ट जाना होगा। लेकिन जमीन के सारे दस्तावेज जब मेरे पास मौजूद है तो हम कोर्ट क्यों जाएंगे। उन्होंने कहा कि जमीन के सभी कागजात पुलिस को दे दिए हैं, जमीन किसका है यह फैसला पुलिस करेगी। आगे उन्होंने कहा कि यदि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है तो वह अपना काम जारी रखेंगे।
बता दे की चार दिन पहले प्रथम पक्ष के राकेश हजारी, शंकर हजारी एवं अन्य के द्वारा विवादित जमीन पर जेसीबी मशीन चलाने के दौरान द्वितीय पक्ष के हीरालाल हजारी एवं अन्य लोगों द्वारा आपत्ति जताते हुए पुलिस को बुलाकर काम रुकवा दिया गया था। मामले में कतरास पुलिस द्वारा दोनों पक्षों से कागजात की मांग की गई थी।
