
धनबाद/कोयलांचल: “एक चौकीदार ऐसा भी है जिसके रहते पिछले चार-पांच सालों में कोयलांचल से अरबो रुपए के कोयल की लूट हो गई। ऐसे में सवाल उठता है कि चौकीदार राष्ट्र संपत्ति की सुरक्षा में चौकीदारी कर रहा था या फिर चौकीदारी की आड़ में कोयला तस्करों को संरक्षण दे रहा था?” ये तीखे सवाल मेंरे नहीं बल्कि कोयलांचल के जाने-माने प्रख्यात समाजसेवी सह बियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा के है।
जब राष्ट्र संपत्ति के लूट में चौकीदार की लाठी कोयला चोरों और तस्करों पर उठने के बजाय कोयला तस्करी और कोयला तस्करों की रखवाली में लग जाए तो फिर अरबों रुपये की राष्ट्रीय संपत्ति का लुटना तय है! हालिया दिनों में कोयलांचल में ईडी की कार्रवाई के बाद यह तीखा सवाल अब कोयलांचल की प्रदूषित हवाओं में तैरने लगा है।
ड्रोन देने की पेशकश पर जब जीएम ने कहा था, ड्रोन से निगरानी की तो मेरी हत्या कर दी जाएगी- विजय झा
कतरास रानी बाजार निवासी बियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार झा ने www.kalamkranti24.com के साथ बातचीत के दौरान बताया कि आज से ठीक तीन साल पहले उन्होंने अवैध कोयला खनन, भंडारण और परिवहन पर नकेल कसने के लिए बीसीसीएल के एक जीएम (GM) को अपने निजी खर्च से ड्रोन देने की पेशकश की थी। मकसद साफ था—तकनीक के जरिए क्षेत्र की निगरानी हो और कोयला तस्करों पर कड़ा प्रहार किया जाए ताकि राष्ट्रीय संपत्ति की लूट को रोका जा सके।
लेकिन उस वक्त जीएम ने जो कहा वो हैरान कर देने वाला था। जीएम ने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते हुए कहा था, “यदि हम इस तरह से अवैध खनन पर नजर रखेंगे, तो हमारी हत्या कर दी जाएगी इसलिए माफ करें हम यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं कर सकते है! सवाल है कि कथित चौकीदार के रहते उन्हें किससे जान का खतरा था? कोयला तस्करों से या फिर चौकीदार से ही खतरा था? खैर ये राज की बात तो केवल जीएम साहब ही जानते हैं। लेकिन यह सवाल आज भी रहस्य बना हुआ है।
अंततः सीआईएसएफ ने ड्रोन की मदद ली और कोयला तस्करों पर शिकंजा कसा
3 साल बाद ही सही लेकिन राष्ट्रीय संपत्ति कोयला की लूट को बचाने के लिए अंततः सीआईएसएफ ने ड्रोन की मदद ली और कोयला तस्करों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। सवाल उठता है कि जो काम तीन साल पहले हो जाना चाहिए था, वह अब जाकर क्यों हुआ? हाल ही में पहली बार सीआईएसएफ (CISF) ने ड्रोन से क्षेत्र की निगरानी की और ताबड़तोड़ छापेमारी कर अवैध कोयले की बड़ी खेप जब्त की। विजय झा का कहना है कि अगर यह तकनीक और इच्छाशक्ति तीन साल पहले दिखाई गई होती, तो देश की अरबों रुपये की राष्ट्रीय संपत्ति चोरी होने से बच जाती। बीते दिनों में न जाने कितने गरीब मजदूरों की लाशों को जमीन के नीचे दफन करके कथित कोयला तस्कर करोड़ों अरबों रुपए काले धन की मालिक बन गए हैं और अब कानून से बचने के लिए ब्लैक मनी को व्हाइट करने की जुगाड में लग गए हैं।
सीआईएसएफ के नए डीआईजी राजीव मिश्रा के कमान संभालते ही बदला कोयलांचल का मंजर
विजय झा ने बताया कि कोयला की लूट को रोकने में आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 2 साल पहले उन्होंने (विजय झा ने) आम जनता की भागीदारी के लिए CISF/BCCL को एक टोल-फ्री नंबर जारी करने का सुझाव दिया था, जिसका मकसद था कि यदि कहीं कोयला खनन अथवा इस प्रकार की अवैध गतिविधि देख जाए तो तुरंत इसकी सूचना गोपनीय तरीके से CISF/BCCL तक पहुंचाई जा सके ताकि त्वरित कार्रवाई कर राष्ट्रीय संपत्ति को चोरी होने से बचाया जा सके। लेकिन उस समय इस प्रस्ताव को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। एक समय ऐसा था जब विजय झा ने कोयला की लूट से तंग आकर “CISF हटाओ, BCCL बचाओ” का नारा भी दिया था और अभियान चलाया था। लेकिन CISF के नए डीआईजी राजीव मिश्रा के कमान संभालते ही कोयलांचल की पूरी तस्वीर अब बदलती दिख रही है। न केवल ड्रोन के जरिए अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है बल्कि सीआईएसएफ ने अवैध खनन की गुप्त सूचना और लोकेशन भेजने के लिए व्हाट्सएप नंबर (9341528406) भी जारी कर दिया है, जिस पर त्वरित कार्रवाई भी देखने को मिल रही है। नया नेतृत्व आते ही सीआईएसएफ पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है और लगातार छापेमारी कर कोयला तस्करों की कमर तोड़ रही है। विजय झा ने सीआईएसएफ की इस वर्तमान मुस्तैदी और कार्रवाई की जमकर सराहना की है और उन्हें बधाई भी दी है।
चौकीदार की चौकीदारी पर उठते गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल उन पर खड़ा हो रहा है जो खुद को ‘चौकीदार’ कहते हैं। आखिर चौकीदार की मौजूदगी में हजारों करोड़ रुपये के कोयले की लूट कैसे हो गई ? क्या चौकीदार की नाक के नीचे कथित रूप से कोयला माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा था? सवाल है कि साहब चौकीदारी कर रहे थे या चौकीदारी की आड़ में राष्ट्रीय संपत्ति को लूटने की खुली छूट दे रहे थी?
सवाल आज भी कायम है कि आखिर पिछले तीन सालों तक मौन साधे बैठी व्यवस्था और तथाकथित ‘चौकीदार’ के कारण देश के इस खजाने की लूट की जिम्मेदारी कौन लेगा? इस लुट का पैसा वापस जनता तक कैसे आयेगा? विजय झा ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि देश की इस संपत्ति को देशहित में देशवासियों के लिए लाने का प्रयास किया जाए। अब देखना है कि क्या प्रशासन द्वारा इस करोड़ों के कालेधन को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी…?
