
कतरास: कतरास के छाताबाद में 18 दिनों से चल रहा ‘आशियाना बचाओ अभियान’ के तहत आंदोलन अभी कल ही खत्म हुआ था कि 24 घंटे के अंदर ही एक बार फिर से भू-धंसान ने लोगों के मन में दहशत पैदा कर दी है। बुधवार देर शाम, छाताबाद काजू बागान के समीप एक बार फिर एक बड़ी भू-धंसान की घटना हुई, जिसमें जमीन फट गई और एक विशाल और गहरा गोफ बन गया है। इस गोफ में भारी मात्रा में पानी घुस रहा हैं।
बता दें कि 7 अगस्त को छाताबाद में पहली बार भू-धंसान हुई थी, जिसमें एक दर्जन से अधिक घर ज़मींदोज़ हो गए थे और कुछ लोग घायल भी हुए थे। इस घटना के विरोध में 8 अगस्त से GTS आउटसोर्सिंग के समीप वार्ड नंबर 2 के पार्षद मो. शहाबुद्दीन के नेतृत्व में ‘आशियाना बचाओ अभियान’ के तहत आंदोलन शुरू किया गया था। इस आंदोलन को राज्य के कई मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और जनप्रतिनिधियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया था। आंदोलन के चलते DGMS ने आउटसोर्सिंग का काम बंद कर दिया था, जिससे कंपनी में कार्यरत लगभग 300 मजदूर बेरोजगार हो गए थे। आखिरकार, 18 दिनों के बाद और कई मांगों पर सहमति बनने के बाद 25 अगस्त को आंदोलन समाप्त हो गया था।
लेकिन, आंदोलन के खत्म होने के 24 घंटे के अंदर ही फिर से भू-धंसान की घटना ने लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मजदूरों के लिए एक और संकट पैदा हो गया है, क्योंकि अब उनकी ड्यूटी को लेकर फिर से संशय बन गया है। क्या अब वे काम पर लौट पाएंगे, यह एक बड़ा सवाल है।
इस घटना ने छाताबाद के लोगों के मन में फिर से दहशत पैदा कर दी है। स्थानीय प्रशासन को इस घटना को गंभीरता से लेते हुए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
