
कतरास: कतरास थाना क्षेत्र के लालचक में कथित अवैध कोयला डिपो के समीप मंगलवार शाम कोयला लदा एक ट्रक खेत में पलट गया। लोड कोयला वैध है या अवैध यह तो पुलिस कि जांच पड़ताल में ही स्पष्ट हो सकेगा। हादसे के बाद बुधवार सुबह ट्रक को हटाने के लिए जेसीबी, क्रेन और बड़ी क्रेन तक मौके पर पहुंची। वहीं सामने आई वायरल तस्वीरों में कथित डिपो परिसर में कोयले का भंडारण और वाहनों की गतिविधियां नजर आने के बाद पूरे मामले को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम कथित रूप से संचालित डिपो में कोयला लोड करने के दौरान एक ट्रक अनियंत्रित होकर खेत में पलट गया। बुधवार सुबह से ही ट्रक को निकालने के लिए मौके पर जेसीबी लगाकर रास्ता तैयार किया गया। इसके बाद क्रेन और बड़ी क्रेन की मदद से ट्रक को हटाने का प्रयास किया गया।
तस्वीरों में कथित डिपो परिसर में बड़ी मात्रा में कोयले का भंडारण दिखाई दे रहा है। मौके पर जेसीबी और क्रेन के साथ बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी भी नजर आई। इससे क्षेत्र में कथित कोयला कारोबार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि जब दिन के उजाले में कथित कोयला भंडारण और वाहनों की गतिविधियां कैमरे में कैद हो रही हैं, तो संबंधित विभागों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ रही है। गृह मंत्रालय और कोयला मंत्रालय के निर्देशों के बावजूद यदि क्षेत्र में कथित रूप से कोयला कारोबार जारी है, तो इन निर्देशों के अनुपालन को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि, कथित कोयला डिपो के संचालन और भंडारण से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने संबंधित विभागों को ट्वीट कर मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना है कि संबंधित प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रक हटाने के लिए मशीनों की पूरी व्यवस्था की गई, लेकिन कथित कोयला भंडारण को लेकर कार्रवाई कब होती है, यह देखने वाली बात होगी।
